नव वर्ष की पहली शनि अमावस्या

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ग्राम मऊसहानियां में स्थित श्री शनि मंदिर में नववर्ष 2019 के पहले शनिवार 5 जनवरी को पड़ने वाली शनि अमावस्या पर भव्य धामिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन की सभी तैयारियां शनिधाम सेवा संस्थान द्वारा पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति द्वारा शनि अमावस्या श्रृद्धा पूर्वक हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। अमावस्या पर मंदिर में स्थित नव ग्रहों का अभिषेक, शिव परिवार का अभिषेक, हवन पूजन करके दिनभर प्रसाद वितरण किया जाएगा। शाम 7 बजे शनि देव की महाआरती की जाएगी, महाआरती में क्षेत्र के कोने कोने से आए शनि भक्त शामिल होंगे। 

मऊसहानियां स्थित शनिधाम मंदिर इस क्षेत्र का सबसे प्राचीन , विशाल मंदिर और आस्था का केंद्र बिंदु है। जहां पर नवग्रहों के साथ शनि शिला का पूजन भी किया जाता है। शनि अमावस्या के मौके पर समूचे क्षेत्र के लाखों भक्त पहुंचते हैं और देर शाम शनि देव की आरती यहां का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहती है। महाआरती में जन सैलाब उमड़ पड़ता है। इस शनिवार को शनि अमावस्या का पर्व है, इसको लेकर शनि धाम में अनेक विशेष आयोजन किए जाएंगे। इस मौके पर लाखों श्रृद्धालु न केवल समूचे क्षेत्र से बल्कि बाहर से भी भक्तगण यहां आकर सम्मिलित होंगे। 

महाराज छत्रसाल के पूर्वजों ने कराया था निर्माण : मऊसहानियां के जगत सागर तालाब के बीचोंबीच महाराज छत्रसाल के पूर्वजों के द्वारा यह मंदिर बनवाया गया था। हालांकि समय के साथ चोरों ने इस मंदिर की मूर्ति को चुरा लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से यहां न केवल शनि देव की दूसरी मूर्ति स्थापित कराई गई थी, बल्कि एक कमेटी का विधिवत गठन कर सभी के सहयेाग से पदाधिकारी एवं सदस्य बनाए गए । इस मंदिर का जीर्णोद्वार करने के साथ समूचे क्षेत्र में यह पहला मंदिर है जहां प्राचीन शनि मंदिर के साथ शनि सिंगनापुर की तर्ज पर शनि शिला स्थापित की गयी है। इसकी स्थापना 5-6 साल पहले की गयी थी। 

न्याय के देवता की पूजा करने से कटते हैं सारे कष्ट 

इसके साथ ही शनि के जो 9 रूप होते हैं। उन 9 ग्रहों की स्थापना भी तालाबों के बीचों बीच शनि मंदिर के पास की गई है। इससे इस स्थान का महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि यहां पर शिवजी का मंदिर भी स्थापित है, लेकिन यह समूचा क्षेत्र शनिधाम के नाम से जाना जाता है और हर शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है । शनि अमावस्या या शनि जयंती के अवसर पर लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। लाखों श्रृद्धालु यहां पहुंचकर न्याय के देवता के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। साथ ही अपने ऊपर आई आधि व्याधियों से मुक्ति की याचना भी शनिदेव से करते हैं। शनिवार को सुबह से देर रात तक महाआरती तक भक्तों का रेला इस क्षेत्र में देखा जाएगा।