करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त

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करवा चौथ की पूजा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए।

इस साल करवा चौथ 4 नवंबर, बुधवार को मनाया जा रहा हौ। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ मनाने की परंपरा है। प्राचीन समय से ही करवा चौथ का महत्व बहुत अधिक है। इस दिन सभी सुहागन स्त्रियां अपने पति के स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं।

करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त 
करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त – 4 नवंबर, बुधवार – शाम 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 52 मिनट तक।

करवा चौथ पूजा विधि 
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लाल रंग के कपड़े पहनें।
फिर माता पार्वती की पूजा कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करें और फिर उनसे सरगी खाने की आज्ञा लें।
सूर्योदय से पहले यानी व्रत शुरू करने से पहले सरगी खाएं।
याद रखें कि सरगी में तामसिक पदार्थ शामिल ना हो।

दिन ढलने से पहले सुहागन स्त्रियों के साथ मिलकर मां पार्वती की पूजा करें।
माता पार्वती से प्रार्थना करें कि वह आपके सुहाग की लंबी उम्र करें।
फिर हाथ में फूल और चावल लेकर श्रद्धापूर्वक करवा चौथ व्रत कथा पढ़ें।
कथा पढ़ने के बाद माता पार्वती की आरती करें।

अब घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
चंद्रोदय होने पर चंद्रमा की पूजा कर अर्घ्य अर्पित करें।
व्रत पूर्ण होने के बाद अपनी सास या सास सामान किसी स्त्री को फल, मिठाई और कपड़े दान करें।
ईश्वर का धन्यवाद करते हुए व्रत खोलें।

करवा चौथ पूजा की सामग्री 
अक्षत, पुष्प, कुमकुम, फूलों का हार, एक चौकी, लाल कपड़ा, लाल चुनरी, एक थाली, धूप, दीपक, अगरबत्ती, करवा जादुई लोटा, करवे का ढक्कन, जल, एक दीपक, मट्ठी, मीठी मट्ठी, सेवइयां, फल, मिठाई, एक सूट या साड़ी, करवा माता की तस्वीर, करवा चौथ की कथा की किताब, माता पार्वती की आरती की किताब, छलनी और दान करने के लिए पैसे आदि।